SCO बैठक में मोदी और शहबाज़ का महत्वपूर्ण आमना-सामना

SCO बैठक में मोदी और शहबाज़ का आमना-सामना, यह मुलाकात गलवान के बाद पहली बार हो रही है।

हाल ही में, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ के बीच आमना-सामना हुआ। यह मुलाकात गलवान घाटी के तनाव के बाद पहली बार हो रही है, जो दोनों देशों के रिश्तों में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकते हैं। इस बार की SCO बैठक का आयोजन भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण है, खासकर जब से भारत ने इस संगठन की अध्यक्षता संभाली है।

बैठक में मोदी और शहबाज़ ने अनौपचारिक बातचीत की, जिसमें दोनों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की। इस समय विश्वभर में तनाव और अस्थिरता का माहौल है, खासकर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में। गलवान के बाद जहां दोनों देशों के रिश्ते अत्यधिक तनाव में थे, वहीं इस मुलाकात ने एक नई उम्मीद जगाई है।

उम्मीद की जा रही है कि यह बातचीत दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। बीते कुछ समय में, भारत ने अपने पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारने के लिए कई पहल की हैं और इस SCO मीटिंग में भी यही देखा गया।

बैठक में विश्व में शांति और समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एकजुटता का भी संदेश दिया गया। मोदी ने अपने उत्थान भाषण में क्षेत्रीय विकास, आपसी सहयोग और एकजुटता की बातें की, जिससे यह संकेत मिलता है कि भारत पड़ोसी देशों के साथ मिलकर काम करने की इच्छा रखता है।

हालांकि, पाकिस्तान के साथ भारत के संबंध हमेशा से कठिन रहे हैं, लेकिन यह उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत से कुछ सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। SCO की इस बैठक में कई बडे़ मुद्दों को उठाया गया, जैसे कि आतंकवाद का मुकाबला और आर्थिक विकास की दिशा में सहयोग। दोनों प्रधानमंत्रियों ने अपने-अपने देशों के आर्थिक विकास पर भी जोर दिया।

SCO की बैठक में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया। मोदी और शहबाज़ की बातचीत से यह स्पष्ट हुआ कि दोनों देशों के बीच संवाद और चर्चा से ही समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि यह मुलाकात आगे की रणनीतियों को स्पष्ट करने में मदद करेगी और दोनों देशों के बीच संकोच को दूर करने का एक अवसर प्रदान करेगी।

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